अकेली हाउस वाईफ और सेल्समेन | Desi Sex Kahani In Hindi Font

प्रेषक : शुभम
हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम शुभम है। मेरी उम्र 31 है और आप लोगों की तरह में भी भीआईपीचोटी डॉट कॉम की हर एक कहानी को बड़ी रूचि से पढ़ता हूँ क्योंकि ऐसा करने में मुझे बड़ा मस्त मज़ा आता है और आज में अपने जीवन की एक सच्ची घटना के साथ आपके सामने आया हूँ। में उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी पढ़ने वालों को जरुर पसंद आएगी और में अपना परिचय देते हुए इसको सुनाना शुरू करता हूँ। दोस्तों में एक घरेलू सामान बेचने वाली प्राइवेट कंपनी में सामान को बेचने का काम करता हूँ। एक बार मेरी कंपनी ने मुझे मध्यप्रदेश के सागर शहर में सामान बेचने के लिए भेजा। हमारी कंपनी ने वहीं के एक लोकल अख़बार में इसका विज्ञापन दे दिया, जिसमें किसी की कोई भी समस्या के लिए उसके घर भी जाना था और मेरी कंपनी ने यह काम मुझे ही सोंप दिया और जो मोबाईल नंबर विज्ञापन में दिया था, कंपनी ने मुझे वो मोबाईल भी दे दिया और अब सुबह शाम कई औरते के फोन मेरे पास आने लगे। कुछ अपने घर को सजाने के बारे में पूछती तो कोई हमारे सामान के बारे में और कुछ सिर्फ वैसे ही मज़े लेने के लिए बात करती। अब में भी अपने इस काम में बड़ा मस्त था। मैंने कुछ घर में अपनी सर्विस भी दी और मैंने सभी उन सभी ग्राहकों की समस्या को हाल कर दिया।
एक दिन मेरे पास एक फोन आया। वो कोई औरत ही थी और उन्होंने मुझसे बोला कि मैंने अपनी नई रसोई बनाई है, इसलिए में आपसे कुछ सहायता कुछ बातें पूछना चाहती हूँ, क्या आप मेरी मदद कर सकते है? मैंने तुरंत कहा कि हाँ क्यों नहीं हमारी कंपनी की यह फ्री सेवा है। आप मुझे अपने घर का पता बताइए, तब उन्होंने अपने घर का पता बता दिया और में उनके घर के लिए निकल पड़ा, करीब दोपहर के 1:30 बजे थे। वो मई का महिना था और ज्यादा तेज गरमी होने की वजह से सभी जगह एकदम सुनसान था और फिर में उस एक कॉलोनी में उनके घर पहुँचा और मैंने दरवाजे पर लगी घंटी को बजाया तो कुछ ही देर में दरवाज़ा खुला, दरवाज़ा खोलने वाली को देखकर में हैरान रह गया, क्योंकि मेरे सामने करीब 37-38 साल की बहुत सुंदर औरत खड़ी थी, वो दिखने में इतनी हॉट सेक्स थी कि उसको एक बार देखकर ही हर कोई बेकाबू पागल हो जाए। वो इतनी मादक थी कि में उसको लगातार घूरकर देखता ही रह गया, वो बहुत ही गोरी उसका भरा हुआ बदन, बड़े आकार के उभरे हुए बूब्स जो बाहर निकलने के लिए तड़प रहे थे, यह द्रश्य देखकर में अपने होश खोकर बिल्कुल पागल हो चुका था। फिर मैंने उन्हे अपना परिचय दे दिया। वो मेरी तरफ देखकर थोड़ा सा मुस्कुराई और अब उन्होंने मुझे अंदर आने के लिए कहा तो उसके बाद में अंदर आ गया और फिर उन्होंने दरवाज़ा बंद कर दिया। दोस्तों उस घर में बहुत शांति थी और एक कूलर चल रहा था। तब मैंने महसूस किया कि शायद उस घर में उस समय उस औरत के अलावा और कोई नहीं था।
फिर मैंने उनकी तरफ देखा तो मैंने पाया कि वो मुझे पहले से ही अपनी नशीली नजरों से घूरकर मेरे पूरे शरीर को देख रही थी, में उनसे बोला हाँ आप मुझे बताईए कि आपकी रसोई कहाँ है? तब मेरी आवाज को सुनकर वो चकित हो गई, वो हड़बड़ाती हुई मुझसे बोली हाँ आप आईए किचन यहाँ है। फिर हम दोनों किचन में चले गये तब उन्होंने मुझे बताना शुरू किया कि में यहा बर्तन रखने की जगह चाहती हूँ, यहाँ सींक और यहा गैस रखना चाहती हूँ। तो में भी उनकी सभी बातें बहुत ध्यान से सुन रहा था और मैंने गौर किया कि वो मुझे यह सब बताने के दौरान मुझे छूने की कोशिश लगातार कर रही है। अब मैंने उनसे कहा कि अपने गैस का पाईप निकालने के लिए छेद तो करवाया ही नहीं, वो कहने लगी कि हाँ मैंने करवाया है, आप एक बार नीचे देखो आपको वो छेद दिखाई देगा और में नीचे झुककर उस छेद को देखने लगा, लेकिन मुझे दिखाई ही नहीं दिया। मैंने उनसे कहा कि मुझे दिखाई नहीं दे रहा है। तो वो उस समय मेरे पीछे ही खड़ी थी और में नीचे की तरफ झुका बैठा था वो मुझे दिखाते हुए खड़े खड़े ही झुककर मुझे छेद दिखाने लगी और बोली देखो वो कोने में है उस समय वो बिल्कुल मेरे सर के ऊपर झुकी हुई थी उसके बड़े आकार के बहुत ही मुलायम बूब्स मेरे सर के बिल्कुल ऊपर रखे हुए थे और नीचे झुकने की वजह से मेरे सर पर वो बूब्स दब रहे थे और वो ऐसा जानबूझ कर कर रही थी और मुझे छेद बताने के बाद भी कुछ देर वो ऐसे ही रही और मेरे सर पर अपने बूब्स को दबाती रही।
अब मैंने उसके शरीर की गरमी को महसूस किया, जिसके बाद में पूरी तरह से समझ गया कि उन्होंने कौन से काम के लिए मुझे यहाँ बुलाया है? उस समय घर में हम दोनों के अलावा कोई भी नहीं था और अकेलेपन की वजह से सेक्स की आग और बढ़ने लगती है इसलिए उन्होंने मुझे बुलाया था ऐसा बहुत कुछ अनुभव मुझे पहले से भी था और इस कंपनी में काम करते हुए कई बार मेरे साथ ऐसा पहले भी हुआ, कोई सिर्फ छूकर मज़े लेती है, कुछ बातें करके मज़े लेती है और कई बहुत अच्छा सेक्स करती है। अब में अच्छी तरह से समझ गया था कि मेडम बहुत गरम है, इसलिए में भी वैसे ही बैठा रहा और उनके बूब्स के मज़े लेता रहा, कुछ देर बाद वो सीधी खड़ी हो गई तो में तुरंत समझ चुका था कि यह अब बहुत गरम हो चुकी है। में भी बिल्कुल उनके पास खड़ा हो गया और में अपनी सेक्सी कपटी आवाज़ में उनकी आखों में आखें डालकर उनसे बात करने लगा, तभी मुझे कुछ बताने के लिए वो पलटी और दीवार की तरफ इशारा करके कुछ बताने लगी। अब मुझे उनकी आवाज़ सुनाई नहीं दे रही थी। मेरा लंड अब एकदम बेकाबू हो रहा था और उसकी मस्त गांड को देखकर में सब कुछ भूल चुका था। कसम से मैंने जिंदगी में पहली बार ऐसी मस्त, सेक्सी, गोल, मदमस्त कर देने वाली गांड देखी थी। में उस समय बिल्कुल उसके पीछे खड़ा हो गया और करीब उससे चिपक ही गया। मेरा जोश से भरा लंड उसके कूल्हों की दरार में समा गया, मैंने अपना सर पीछे से उसके कंधे से सटाकर अपना एक हाथ उसकी बाह से रगड़ते हुए उस दीवार की तरफ इशारा किया, जहाँ वो मुझे कुछ बता रही थी। अब उससे बात करते करते मेरी आवाज़ काँप रही थी। उसकी भी साँसे तेज़ होने लगी थी और वो भी कुछ किचन के बारे में बताए जा रही थी, लेकिन उसकी आवाज़ भी काँप रही थी।
अब मैंने सही मौका देखकर अपने होंठ उसके कंधे पर रख दिए और अपने दूसरे हाथ से मैंने उसके हाथ की हथेली को पकड़ लिया और में अपने होंठ उसके कंधे से होते हुए गर्दन तक ले गया, तब तक उसकी आखें बंद हो चुकी थी। फिर मैंने अपना दूसरा हाथ उसके गोरे मुलायम पेट पर फेरते हुए उसके बूब्स पर रख दिया आह्ह्ह करके उसने एक लंबी साँस छोड़ी और फिर वो तुरंत ही पीछे मुड़कर मुझसे लिपट गई और अब उसने झट से मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया। वो उस समय इतनी ज़ोर से मुझे दबोचे हुए थी कि एक पल के लिए में घबरा गया। फिर मैंने अपने एक हाथ से उसके सर को पकड़कर ऊपर उठाया और उसके गुलाबी होंठो पर मैंने अपने होंठ रख दिए। उसने भी मेरा साथ दिया और अब हम दोनों एक दूसरे के होंठो को चूस रहे थे। फिर करीब 5-7 मिनट तक हम किस करते ही रहे जब हम अलग हुए तब हम दोनों की साँसे बड़ी तेज चल रही थी। में उसको चूमते हुए उसके बूब्स से होते हुए पेट और कमर पर आ गया और उसके बाद मैंने साड़ी के ऊपर से ही उसकी चूत के ऊपर अपने मुहं को लगा दिया और अपने होंठो से उसकी चूत को सहलाने की कोशिश करने लगा और अब तक हम दोनों ही जोश में आकर पसीने पसीने हो चुके थे। फिर उसने मुझे रोका वो मुझसे बोली चलो बेडरूम में चलते है। उसके मुहं से यह बात सुनकर में उठकर खड़ा हुआ और मैंने उसको अपनी गोद में उठा लिया। उसने भी अपनी दोनों बाहों को मेरे गले में डाल दिया और वहीं सामने ही उसका बेडरूम था मैंने उसको बेड पर लेटा दिया वो मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी कुछ देर में खड़ा रहा। वो बहुत सेक्सी अदा के साथ लेटे हुए मुझे अपनी नशीली नजरों से देखती हुई मुस्कुरा रही थी।
अब मैंने झुककर उसके पैर पर हाथ रखना चाहा, लेकिन तभी वो एकदम बिस्तर पर पलटी मार गई और अब वो बिस्तर के दूसरे किनारे पर अपने पेट के बल लेटकर अपने एक पैर को मोड़कर अपनी गांड को ऊपर उठाकर मुझे ललचाने लगी। दोस्तों वो कुछ देर मेरे साथ खेलने के मूड में थी और यह बात में तुरंत ही समझ गया, क्योंकि में भी इस काम में बड़ा अनुभवी खिलाड़ी हूँ, में पलंग के नीचे ही खड़ा था अब वो बिस्तर पर कुछ और ऊपर सरककर आधी लेट गई और अपनी मादक अदा से उसने अपने दोनों पैर फैलाए और धीरे धीरे वो अपनी साड़ी को ऊपर करने लगी और में खड़ा उसको देख रहा था। अब वो अपने होंठो पर जीभ को फेर रही थी और नीचे से अपने कूल्हों को ऊपर उठा उठाकर मुझे ललचा रही थी उसने अपनी जांघ तक साड़ी को ऊपर कर लिया था और अब अपने एक हाथ को अंदर डालकर वो अपनी चूत को मसलने सहलाने लगी और दूसरे हाथ से अपने बूब्स को दबाने भी लगी थी। दोस्तों यह सब देखकर मुझे महसूस हो रहा था कि वो बहुत ही बिंदास तरीके से अपनी चुदाई करवाना चाहती थी और में भी इस काम का मास्टर हूँ इसलिए में बिंदास तरीके से चोदना जानता हूँ, इसलिए मैंने भी अब बिना देर किए अपना वो काम शुरू किया। में बिस्तर पर चड़ गया और घुटनों के बल बैठकर उसको किसी जानवर की तरह सहलाते हुए उसके पैरों को चाटने लगा। पैरों से होते हुए जांघो तक आते हुए मैंने उसकी चूत को अपने मुहं में भर लिया और उस दर्द की वजह से वो चीख पड़ी। अब तो तुरंत बिस्तर पर पलट गई, जिसकी वजह से अब उसकी गांड मेरे सामने थी। मैंने अब नीचे से चूमना शुरू किया और उसकी गदराई हुई जांघो को बहुत सहलाया और मस्त तरीके से चाटा और उसकी साड़ी को ऊपर कर दिया। फिर में गांड देखकर तो धन्य हो गया, वो मस्त गोरी बड़ी गांड थी।
दोस्तों मैंने पूरी गोलाईयों पर अपनी जीभ को फैरा, बहुत सहलाया जिसकी वजह से उसके मुहं से आवाज़ें निकलने लगी। वो अभी भी पेट के बल बिस्तर पर लेटी हुई थी और में उसके ऊपर था। फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और उसकी पेंटी को भी निकाल दिया, जो गीली हो चुकी थी। अब में नंगा ही उसके ऊपर आ गया और अपना लंड उसकी मस्त गांड से मैंने खूब रगड़ा और अपने होंठो से उसके कान चबाता रहा, जिसकी वजह से वो चिल्लाने लगी और चीखने लगी। यह चीख उसको आ रहे मज़े की वजह से उसके मुहं से निकल रही थी। अब वो सीधी होकर लेट गई और बैठकर मेरा लंड देखकर उसकी तरफ लपककर अपने हाथ में उसने झट से मेरे लंड को ले लिया। मेरा 8 इंच का तनकर खड़ा लंड देखकर उसकी आखों में एक अजीब सी चमक आ गई। उसने मुझे एक धक्का दिया, जिसकी वजह से में बिस्तर पर सीधा गिर गया, लेकिन वो मेरा लंड अभी भी पकड़े हुए थी। अब वो मेरे लंड के ऊपर झुक गई और उसने मेरा पूरा लंड अपने मुहं में ले लिया। फिर करीब दस मिनट तक लंड को चूसने के बाद वो मेरे ऊपर लेट गई और मुझे पागलों की तरह चूमने लगी। फिर मैंने उसको अपनी बाहों में भरकर पलटी मारी और में अब उसके ऊपर आ गया। उसको चूमते हुए मैंने अब उसके कपड़े निकालना शुरू किया तो कुछ ही देर में अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी लेटी हुई थी। दोस्तों ये कहानी आप भीआईपीचोटी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
दोस्तों वो एकदम कयामत थी, वो बिल्कुल डिंपल, रेखा और जयाप्रदा का मिलाजुला रूप लग रही थी, मैंने नीचे से ऊपर तक उसको चूमा उसने भी पूरी तरह जोश के साथ मेरा साथ दिया। हम दोनों उस समय इतना उत्तेजित हो चुके थे कि हम पूरे बिस्तर पर एक दूसरे से नाग-नागिन की तरह लिपट रहे थे और यहाँ वहां पलटी मार रहे थे, कभी में उसके ऊपर तो कभी वो मेरे ऊपर, हम दोनों भूखे शेर के तरह एक दूसरे को खा जाने के लिए बैताब थे। अब वो मुझसे कहने लगी बस और मत तरसाओ प्लीज अब तुम इसको अंदर डाल दो और यह कहते हुए उसने बड़ी बेरहमी से मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत में बहुत ज़ोर से रगड़ दिया। में उस दर्द से कराह उठा और मेरे लंड के साथ साथ मेरे आंड भी उसकी मुठ्ठी में आ चुके थे, जिनको वो ज़ोर से दबाकर मेरा दम निकाल रही थी। अब मैंने उसके हाथ से अपना लंड छुड़ाया और उसके दोनों पैरों को अपने दोनों हाथों से पकड़कर उसके सर की तरफ मोड़ दिए, जिसकी वजह से नीचे से उसकी गांड ऊपर उठ गई। अब में घुटनों के बल बैठा हुआ था मैंने अपनी जांघो पर उसकी गांड को रखकर अपने लंड की सीध में उसकी चूत को लाकर उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया। एक ही झटके में पूरा अंदर कर दिया। तो वो दर्द की वजह से चीख पड़ी और उसकी दोनों आखें बंद हो चुकी थी और उसने अपने दोनों हाथों से मेरे कंधे पकड़ रखे थे, लंड के चूत के अंदर जाते ही उसके नाख़ून मेरे कंधो पर गड़ गये और मेरे कंधो से खून निकलने लगा, लेकिन मैंने फिर भी परवाह नहीं की और अब मैंने अपनी धक्को की स्पीड को बढ़ा दिया। में करीब 15 मिनट तक एक सी स्पीड में उसको चोदता रहा। अब उसको कुछ परेशानी होने लगी इसलिए उसने मुझे रुकने के लिए कहा तो में रुक गया और उसने अपने पैर मेरे हाथों से छुड़ाकर उनको सीधे कर लिए। पैर सीधे होते ही शायद उसको कुछ राहत मिली।

अकेली हाउस वाईफ और सेल्समेन
फिर कुछ देर रुककर उसने थोड़ा ऊपर उठकर मेरी गर्दन अपने दोनों हाथों से पकड़ ली और एक ही झटके से उठकर वो मेरी गोद में बैठ गई। मेरा लंड अभी भी उसकी चूत में था। फिर उसने मुझे धीरे से पीछे की तरफ धक्का दिया, जिसकी वजह से में लेट गया और अब वो मेरे ऊपर थी, जिसकी वजह से अब वो मुझे चोद रही थी और वो पूरी तरह जोश में आकर बहुत ज़ोर ज़ोर से अपनी कमर को आगे पीछे कर रही थी, तभी आचनक से उसकी रफ़्तार बढ़ गई और उसके मुहं से चीख निकल रही थी और वो ज़ोर ज़ोर से अपनी कमर को हिलाते हुए पागलों की तरह चिल्लाने लगी और अपनी कमर को ज़ोर ज़ोर से हिलती रही और कुछ देर बाद वो एक जोरदार झटके के साथ चिल्ला पड़ी आईईईइ ऊउईईई माँ मर गई और वो एकदम से रुक गई और कुछ देर बाद वो बिल्कुल निढाल होकर मेरे ऊपर धम से गिर गई। उस समय उसकी साँसे बहुत तेज गति से चल रही थी और मेरे लंड की हालत तो एकदम खराब हो चुकी थी। मेरा लंड मथनी की तरह मथ गया था। मैंने प्यार से उसके सर पर हाथ फेरा और उसको चूमा। वो बिल्कुल बेजान लाश की तरह मेरे ऊपर करीब 15 मिनट तक वैसे ही पड़ी रही। फिर वो धीरे धीरे ठंडी होकर सामान्य हुई तो अपने हाथों के सहारे थोड़ा ऊपर उठी। मैंने देखा कि उसके चेहरे पर एक गजब की खुशी थी और वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थी। उसने मुझे बहुत प्यार से चूमा, लेकिन मेरी आग अभी भी शांत होना बाकी थी इसलिए मेरा लंड अभी भी खंबे की तरह उसकी चूत के अंदर अभी भी अपनी आग को उगल रहा था, लेकिन वो अचानक से एकदम खड़ी हो गई, जिसकी वजह से उसकी चूत का बहुत सारा पानी मेरे लंड के चारो तरफ फैल गया।
फिर वो बिस्तर से नीचे आ गई और बाथरूम चली गई और में वैसे ही पड़ा रहा। बाथरूम से आकर उसने अपनी साड़ी के पल्लू से मेरा लंड और आसपास की जगह को साफ कर दिया और हम दोनों उस मेहनती काम को करने के बाद पसीने में तर हो चुके थे। फिर में भी उठकर बैठ गया और हम दोनों ही कूलर के बिल्कुल पास जाकर खड़े हो गये। उसी समय उसने मेरी छाती पर अपना एक हाथ रखा और फिर मेरी छाती को चूमते हुए वो अपना सर मेरी छाती पर रखकर मुझसे एकदम चिपककर खड़ी हो गई मैंने भी उसको प्यार किया और में उसको बाहों में भरकर खड़ा रहा। फिर कुछ देर बाद हमारे बदन की गरमी कुछ कम हुई तो हम दोनों एक बार फिर से बिस्तर पर आ गये। मैंने उसके खिले हुए चेहरे को देखकर महसूस किया कि अब तक वो एक बार फिर से अपनी चुदाई करवाने के लिए तैयार हो चुकी थी। फिर मैंने इस बार उसको अपने हाथ पैरों पर कुतिया की तरह होने को कहा और उसने मेरा कहा मानकर तुरंत अपनी गांड को मेरी तरफ कर दिया और मैंने अब उसकी गांड में अपना लंड डालना चाहा, लेकिन उसने मुझे ऐसा करने के लिए साफ मना कर दिया और फिर उसने नीचे से अपने एक हाथ को आगे बढ़ाकर मेरे लंड को पकड़ा और उसको अपनी खुली हुई चूत के अंदर डाल लिया, जिसके बाद वो अपने कूल्हों को आगे पीछे करके लंड को अपनी चूत के अंदर बाहर करके मज़े लेने लगी।
अब मैंने भी उसको अपनी तरफ से धक्के देकर चोदना शुरू किया। फिर कुछ देर बाद मैंने अपनी स्पीड को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया और मैंने अपने धक्को को इतना तेज कर दिया कि पूरा पलंग आवाज़ करने लगा। वो दर्द से चिल्लाने लगी, लेकिन में कहाँ मानने वाला था। बहुत देर से में रुका हुआ था और करीब बीस मिनट तक में उसको एक ही स्पीड से चोदता रहा, उसकी बड़ी गांड जो मेरे सामने थी, जिसको देखकर मुझे और भी जोश आ रहा था और वो मुझसे बोली कि प्लीज अब तुम मुझे छोड़ दो प्लीज क्या तुम अब मेरी जान ही निकाल दोगे? आह्ह्ह्ह प्लीज में इस दर्द से मरी जा रही हूँ। अब इसको बाहर निकाल दो। अब मैंने उससे कहाँ हाँ ठीक है तुम्हे कुछ देर मेरे लंड को झेलना होगा और उसके बाद में इसको बाहर निकाल लूँगा और यह बात कहकर मैंने उनके दोनों कूल्हों को कसकर पकड़कर अपनी कमर को तेज़ी के साथ आगे पीछे करके मैंने स्पीड को पहले से तेज करके उसको लगातार धक्के मार मारकर उसकी चूत में अपना वीर्य निकाल दिया। मेरा मन तो कर रहा था कि पूरा दिनभर में उसको ऐसे ही चोदता रहूँ, लेकिन उसको भी अब दर्द के साथ साथ बड़ी परेशानी हो रही थी। उसकी चूत सूज चुकी थी और में थककर उसके ऊपर ही ढेर हो गया। फिर कुछ देर बाद हम दोनों उठे और बाथरूम से आकर अपने अपने कपड़े पहने। वो बड़ी खुश नजर आ रही थी।
फिर वो मुझसे कहने लगी कि आज पहली बार मुझे चुदाई का इतना मस्त मज़ा आया है। में तुम्हे कभी भी नहीं भुला पाऊँगी, तुमने मुझे बड़ा मस्त चुदाई का सुख वो अनुभव दिया है, जिसके लिए में कब से तरस रही थी। तुम्हे इस काम का बहुत अच्छा अनुभव है। अब मैंने उसका माथा चूमा तो उसने मुझे बताया कि मेरे पति एक प्राइवेट बैंक में नौकरी करते है और अब पांच बजने वाले है, उनके आने का समय हो गया है और मेरे एक बेटा और बेटी जबलपुर में हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई करते है इसलिए में पूरा दिन घर पर अकेली ही रहती हूँ। अब मैंने उससे कहा कि में तो इस शहर में बस कुछ दिनों के लिए हूँ और उसके बाद फिर में यहाँ से चला जाऊँगा। फिर वो मेरी बात को काटते हुए बीच में बोल पड़ी कि कोई बात नहीं है, लेकिन तुम मुझसे एक वादा करो कि जब तक तुम यहाँ पर हो तब तक तुम मुझे ऐसा ही सुख यह मज़े देते रहोगे प्लीज। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है उसके बाद मैंने उन्हें अपना एक मोबाईल नंबर दे दिया और उससे कहा कि आप मेरी कंपनी के नंबर पर फोन मत करना इस नंबर पर फोन करके आप मुझे बुला लेना में आ जाऊंगा। फिर में उस दिन उनके घर से बाहर निकल आया। उसके बाद में दो महीने सागर में रहा और इस दौरान हम दोनों ने बहुत बार सेक्स किया और हम बाहर भी घूमने गये, लेकिन अब जब में अपने शहर वापस आ गया हूँ तब से उनसे मेरी कोई भी बात नहीं है और ना ही में उनसे बात करने की कोशिश करता हूँ ।।
धन्यवाद

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